
सजा कर फूल बालों में हमारे पास आते हैं
अदब से बैठ के कुछ देर फिर गज़लें सुनाते हैं
गिरा कर ज़ुल्फ़ अपनी फिर अदा-ए-नाज़ से बोलें
सुनो हम प्यार में लोगों को, यूँ पागल बनाते हैं
— Faizan Faizi
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