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Eid al-Adha Shayari
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SHER
फ़क़त दो-चार ईदें और बढ़ा दे साल में या रब गले बाबा के लगने को बहाने चाहता हूँ मैं — Haider Khan
SHER
हम ने तुझे देखा नहीं क्या ईद मनाएँ
जिस ने तुझे देखा हो उसे ईद मुबारक
Liyaqat Ali Aasim
हम ने तुझे देखा नहीं क्या ईद मनाएँ जिस ने तुझे देखा हो उसे ईद मुबारक — Liyaqat Ali Aasim
SHER
जिस्म से आती है मेरे जो ग़रीबी की महक
इस लिए ईद को सीने से लगाया न गया
''Akbar Rizvi"
जिस्म से आती है मेरे जो ग़रीबी की महक इस लिए ईद को सीने से लगाया न गया — ''Akbar Rizvi"
SHER
ईद पर भी मुझ सेे मिलने कोई नईं आया 'करन'
ईद को भी मैं अकेला ही मनाके सो गया
karan singh rajput
ईद पर भी मुझ सेे मिलने कोई नईं आया 'करन' ईद को भी मैं अकेला ही मनाके सो गया — karan singh rajput
SHER
कैसे ईद मनाते चाँद बिना देखे
डीपी से रब की तस्वीर नदारद थी
Atul K Rai
कैसे ईद मनाते चाँद बिना देखे डीपी से रब की तस्वीर नदारद थी — Atul K Rai
SHER
ईद चली जाती हो जब तुम
मेरा चाँद नहीं दिखता है
Prashant Sitapuri
ईद चली जाती हो जब तुम मेरा चाँद नहीं दिखता है — Prashant Sitapuri
SHER
ईद के बा'द वो मिलने के लिए आए हैं
ईद का चाँद नज़र आने लगा ईद के बा'द
Unknown
ईद के बा'द वो मिलने के लिए आए हैं ईद का चाँद नज़र आने लगा ईद के बा'द — Unknown
SHER
वहाँ ईद क्या वहाँ दीद क्या
जहाँ चाँद रात न आई हो
Shariq Kaifi
वहाँ ईद क्या वहाँ दीद क्या जहाँ चाँद रात न आई हो — Shariq Kaifi
SHER
दिवाली ईद हो या कोई हो त्योहार फिर दूजा
मनाओ साथ मिल कर सब रहो ख़ुशहाल भारत में
Najmu Ansari Nazim
दिवाली ईद हो या कोई हो त्योहार फिर दूजा मनाओ साथ मिल कर सब रहो ख़ुशहाल भारत में — Najmu Ansari Nazim
SHER
मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था
तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे
Ali Zaryoun
मैं भी इक शख़्स पे इक शर्त लगा बैठा था तुम भी इक रोज़ इसी खेल में हारोगे मुझे ईद के दिन की तरह तुम ने मुझे ज़ाया' किया मैं समझता था मुहब्बत से गुज़ारोगे मुझे — Ali Zaryoun
SHER
झूला बाप का कंधा था तब माँ का आँचल ख़ुशहाली थी
ईद मनाते थे हर दिन ही तब हर रात दिवाली थी
Shreya Shivmurti
झूला बाप का कंधा था तब माँ का आँचल ख़ुशहाली थी ईद मनाते थे हर दिन ही तब हर रात दिवाली थी — Shreya Shivmurti
SHER
उस से मिलना तो उसे ईद-मुबारक कहना
ये भी कहना कि मिरी ईद मुबारक कर दे
Dilawar Ali Aazar
उस से मिलना तो उसे ईद-मुबारक कहना ये भी कहना कि मिरी ईद मुबारक कर दे — Dilawar Ali Aazar
SHER
ईद के रोज़ यही अपनी दुआ है रब से
मुल्क में अमन का, उलफ़त का बसेरा हो जाए
Zaki Azmi
ईद के रोज़ यही अपनी दुआ है रब से मुल्क में अमन का, उलफ़त का बसेरा हो जाए हर परेशानी से हर शख़्स को मिल जाए नजात इस सियह रात का बस जल्द सवेरा हो जाए — Zaki Azmi
SHER
उस मेहरबाँ नज़र की इनायत का शुक्रिया
तोहफ़ा दिया है ईद पे हम को जुदाई का
Unknown
उस मेहरबाँ नज़र की इनायत का शुक्रिया तोहफ़ा दिया है ईद पे हम को जुदाई का — Unknown
SHER
बादबाँ नाज़ से लहरा के चली बाद-ए-मुराद
कारवाँ ईद मना क़ाफ़िला-सालार आया
Josh Malihabadi
बादबाँ नाज़ से लहरा के चली बाद-ए-मुराद कारवाँ ईद मना क़ाफ़िला-सालार आया — Josh Malihabadi
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