Eid Al-Fitr शायरी
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Eid Al-Fitr शायरी

वैसे एक शिकवा था तुम सेे अच्छा छोडो ईद मुबारक — Zubair Ali Tabish
ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का — Unknown
जिन रस्तों से तुम गुज़रे हो उन रस्तों को ईद मुबारक़ — Ritesh Rajwada
जिस तरफ़ तू है उधर होंगी सभी की नज़रें ईद के चाँद का दीदार बहाना ही सही — Amjad Islam Amjad
ईद का चाँद तुम ने देख लिया चाँद की ईद हो गई होगी — Idris Azad
न वैसा चाँद फिर निकला न वैसी ईद फिर आई किसी ने जब मेरी ईदी मेरे होंटों पे रख दी थी — Ritesh Rajwada
उस मेहरबाँ नज़र की इनायत का शुक्रिया तोहफ़ा दिया है ईद पे हम को जुदाई का — Unknown
हम ने तुझे देखा नहीं क्या ईद मनाएँ जिस ने तुझे देखा हो उसे ईद मुबारक — Liyaqat Ali Aasim
मिल के होती थी कभी ईद भी दीवाली भी अब ये हालत है कि डर डर के गले मिलते हैं — Unknown
तुझ को मेरी न मुझे तेरी ख़बर जाएगी ईद अब के भी दबे पाँव गुज़र जाएगी — Zafar Iqbal
ईद के बा'द वो मिलने के लिए आए हैं ईद का चाँद नज़र आने लगा ईद के बा'द — Unknown

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