Krishna Janmashtami Shayari
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Krishna Janmashtami Shayari

बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है — Zubair Ali Tabish
मुरली छूटी शंख बजा रास तजा फिर युद्ध सजा क्या पीछे क्या आगे है सब कुछ राधे राधे है — Zubair Ali Tabish
यही अंजाम अक्सर हम ने देखा है मोहब्बत का कहीं राधा तरसती है कहीं कान्हा तरसता है — Virendra Khare Akela
प्यार में कैसी थकन कह के ये घर से निकली कृष्ण की खोज में वृषभानु-लली मीलों तक — Kunwar Bechain
जिस की हर शाख़ पे राधाएँ मचलती होंगी देखना कृष्ण उसी पेड़ के नीचे होंगे — Bekal Utsahi
देखिए होगा श्री-कृष्ण का दर्शन क्यूँँ-कर सीना-ए-तंग में दिल गोपियों का है बेकल — Mohsin Kakorvi
पैग़ाम-ए-हयात-ए-जावेदाँ था हर नग़्मा-ए-कृष्ण बाँसुरी का — Hasrat Mohani
प्राण बिन देह जैसे अधुरी लगे कृष्ण आधा लगे संग राधा न हो — Vishnu Saxena
हाल न पूछो मोहन का सब कुछ राधे राधे है — Zubair Ali Tabish
'हसरत' की भी क़ुबूल हो मथुरा में हाज़िरी सुनते हैं आशिक़ों पे तुम्हारा करम है आज — Hasrat Mohani
वो रातों-रात 'सिरी-कृष्ण' को उठाए हुए बला की क़ैद से 'बसदेव' का निकल जाना — Firaq Gorakhpuri
जिसे तुम बावरा कहती थी राधे महाभारत जीता के आ गया है — Arvind Inaayat
श्याम गोकुल न जाना कि राधा का जी अब न बंसी की तानों पे लहराएगा किस को फ़ुर्सत ग़म-ए-ज़िंदगी से यहाँ कौन बे-वक़्त के राग सुन पाएगा — Abid Hashri
वो राधा की तरह है साथ मेरे ख़यालों में वो मेरी रुक्मणी है — Mukesh Jha
जहाँ देखो वहाँ मौजूद मेरा कृष्ण प्यारा है उसी का सब है जल्वा जो जहाँ में आश्कारा है — Bhartendu Harishchandra

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