praan bin deh jaise adhuri lage | प्राण बिन देह जैसे अधुरी लगे

  - Vishnu Saxena

प्राण बिन देह जैसे अधुरी लगे
कृष्ण आधा लगे संग राधा न हो

  - Vishnu Saxena

Radha Krishna Shayari

Our suggestion based on your choice

    यही अंजाम अक्सर हम ने देखा है मोहब्बत का
    कहीं राधा तरसती है कहीं कान्हा तरसता है
    Virendra Khare Akela
    46 Likes
    रौशनी ऐसी अजब थी रंग-भूमी की 'नसीम'
    हो गए किरदार मुदग़म कृष्ण भी राधा लगा
    Iftikhar Naseem
    15 Likes
    कान्हा होंगे लोग वहाँ के राधा होंगी बालाएँ
    प्यार की बंसी बजती होगी हर समय हर ठाओं रे
    Ghaus Siwani
    20 Likes
    जहाँ देखो वहाँ मौजूद मेरा कृष्ण प्यारा है
    उसी का सब है जल्वा जो जहाँ में आश्कारा है
    Bhartendu Harishchandra
    26 Likes
    ओ कन्हैया तुम तो मेरे हो जहांँ
    और कोई भी नहीं मेरा यहांँ
    Aniket sagar
    देखिए होगा श्री-कृष्ण का दर्शन क्यूँ-कर
    सीना-ए-तंग में दिल गोपियों का है बेकल
    Mohsin Kakorvi
    21 Likes
    वो राधा की तरह है साथ मेरे
    ख़यालों में वो मेरी रुक्मणी है
    Mukesh Jha
    46 Likes
    श्याम गोकुल न जाना कि राधा का जी अब न बंसी की तानों पे लहराएगा
    किस को फ़ुर्सत ग़म-ए-ज़िंदगी से यहाँ कौन बे-वक़्त के राग सुन पाएगा
    Abid Hashri
    24 Likes
    प्यार में कितनी बाधा है
    लेकिन राधा, राधा है
    Poonam Yadav
    80 Likes
    उससे ज़्यादा हो तुम मेरे मन के लिए
    जितनी प्यारी है राधा किशन के लिए
    Alankrat Srivastava

Similar Writers

our suggestion based on Vishnu Saxena

Similar Moods

As you were reading Radha Krishna Shayari Shayari