ai muskuraate shakhs hamaari taraf na aa | ऐ मुस्कुराते शख़्स हमारी तरफ़ न आ

  - Inaam Azmi

ऐ मुस्कुराते शख़्स हमारी तरफ़ न आ
वापिस यहाँ से कोई भी हँस कर नहीं गया

मुझको तुम्हारे बाद किसी और की तरफ़
ले जा रहा था मेरा मुक़द्दर नहीं गया

  - Inaam Azmi

Qismat Shayari

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