किसी का दिल दुखाया है किसी ने
वफ़ा का सर झुकाया है किसी ने
वफ़ा के अब नहीं क़ाबिल ये दुनिया
यक़ीं मुझ को दिलाया है किसी ने
जहाँ रहती थी दुनिया भर की ख़ुशियाँ
वो मेरा घर जलाया है किसी ने
खिलौना छीन कर हाथों से मेरे
मेरा बचपन रुलाया है किसी ने
तअल्लुक़ तोड़ कर मत जाओ अब तुम
तुम्हें दिल से लगाया है किसी ने
मैं हाल-ए-दिल सुनाता था जहाँ को
मुझे शाइ'र बनाया है किसी ने
क़यामत तक रहेंगे साथ दोनों
किया वा'दा निभाया है किसी ने
इबादत में जिसे तुम माँगते हो
उसे पा कर गँवाया है किसी ने
ख़ुशी से ख़ुद-कुशी करता है कोई
उसे इतना सताया है किसी ने
— Kartik Bhalerao















