ये सोच कर दिन रात रोता है कोईदिल से बड़ा भी तोहफ़ा होता है कोईउस की वफ़ा दौलत के आगे मर गईक़ातिल मोहब्बत का भी होता है कोई— Kartik Bhalerao " Asad "