कहा कुछ नहीं हमें उस ने रवानगी के पहलेसो हमारे लब भी चुप चुप रहे ख़ुद-कुशी के पहलेउसे याद आ गया कोई रक़ीब चार दिन बा'दहमें मौत याद आने लगी ज़िंदगी के पहले— Kinshu Sinha