राहें जुदा हो जाएँगी सोचा न था
पर साथ चलने लाइक़ अब रस्ता न था
अच्छा किया जो खेल कर तोड़ा इसे
यूँ भी दिल अपने काम कुछ आता न था
हम अजनबी बन कर मिले अब के बरस
हालाँकि गुज़रे साल तक ऐसा न था
अब चीर कर सीना दिखाने से रहे
तुम मान लो दिल में कोई रहता न था
उस रास्ते पर मैं खड़ा था रात तक
वो रास्ता जो शाम की बस का न था
— KUNAL















