गुम सुम होकर जिस की याद में रहती हो उस बिन तो तुम सब से बा'द में रहती होगंगाजल के जैसे निर्मल बोली हैया'नी के तुम इलाहाबाद में रहती हो— Kush Pandey ' Saarang '