Kush Pandey ' Saarang '

Kush Pandey ' Saarang '

@kush-pandey-saarang

Kush Pandey ' Saarang ' shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Kush Pandey ' Saarang ''s shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
ख़मोशी के मुक़ाबिल कुछ नहीं है
तुम्हारे सामने दिल कुछ नहीं है

तुम्हें पाने की ख़्वाहिश क्यूँ करें हम
हमें वैसे भी हासिल कुछ नहीं है
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Kush Pandey ' Saarang '
बहन जब बांध दे राखी ये लोहे सी कलाई हो
रहे चाहे नरम धागा या चाँदी की बनाई हो
Kush Pandey ' Saarang '
भरे बरसात के मौसम में रोना ठीक होता है
गमों को दिल के अंदर ही समोना ठीक होता है

जहाँ मतलब परस्ती का बुरा इक दौर आ जाए
वहाँ अक्सर अकेला खुद का होना ठीक होता है
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Kush Pandey ' Saarang '
शराफ़त ठीक पर इतनी न होनी चाहिए
समय के साथ ख़ुद को भी बदलते जाइए

यही हुश्यार होने का तरीका है यहाँ
हमारी मानिए तो ख़ूब धोखे खाइए
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Kush Pandey ' Saarang '
किसी काफ़िले के न पीछे चलेंगे
चलेंगे तो मर्ज़ी से आगे चलेंगे
Kush Pandey ' Saarang '
मन के गुल्लक में बचपन है
और खर्चे जैसा जीवन है

दुनिया में कोई फेल हुआ
तो कोई फस्ट डिवीजन है
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Kush Pandey ' Saarang '
मुझे परखा गया इतना अभी तक
नतीजा कुछ नहीं निकला अभी तक

समझ के बात पल पल करने वाले
मुझे तू ही नहीं समझा अभी तक
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Kush Pandey ' Saarang '
जो खा़लिस इश्क़ करते हैं जहाँ में
उन्हें अक़्सर ही छोड़ा जा रहा है

हमीं पत्थर को पूजे जा रहें हैं
हमारा दिल ही तोड़ा जा रहा है
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Kush Pandey ' Saarang '
कई को ईद पे ईदी नहीं मिलती
कमाए बिन यहाँ रोटी नहीं मिलती

इराद-ए-ख़ुदकुशी से फ़ायदा क्या है
हमें जीने से ही छुट्टी नहीं मिलती
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Kush Pandey ' Saarang '
किसी चूहे सी अपनी जिंदगी है
जो ख़ुद ही ख़्वाब दानी में फँसी है
Kush Pandey ' Saarang '
चलेगी खुद ज़मीं पे और मँहगाई पे रोएगी
ये जनता है किसी को तख़्त पर बैठा ही देती है
Kush Pandey ' Saarang '
किताब-ए-ज़िन्दगी पढ़कर हूँ समझा
ग़मों में शाद रहने की कला मैं
Kush Pandey ' Saarang '
हुई हिजरत कहाँ कश्मीर से अपनी
अभी भी वादियों में खून है अपना
Kush Pandey ' Saarang '
ग़मों की नुमाइश से होता नहीं कुछ
फ़क़त लोग हँसते हैं थोड़ा ज़ियादा
Kush Pandey ' Saarang '
मैं दफ़्तर की तरह रहता हूँ हरदम
जहाँ सब आ रहें हैं जा रहें हैं
Kush Pandey ' Saarang '
कभी दिल से निकाले हम गये हैं
ज़रूरत ने कभी घर से निकाला
Kush Pandey ' Saarang '
भरोसा आपको इतना है मुझपे
भरोसा टूट भी सकता है समझे
Kush Pandey ' Saarang '
मन के मैल कभी धुल सकते
काश के दिल से मिल जुल सकते

तू खुल जा ये तेरी मर्जी
हम तेरे पे नइँ खुल सकते
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Kush Pandey ' Saarang '
उदासी इस क़दर लिपटी है मुझसे
ख़ुशी ये देखकर हँसती है मुझपे

कोई ऐसे नहीं छोड़ेगा मुझको
कमी कोई तो होगी ख़ास मुझमें
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Kush Pandey ' Saarang '
भूले-भटके लोग कहाँ को जाते हैं
शायद वो इस दुनिया में खो जाते हैं

प्यार ही दुनिया है तेरी लेकिन लड़की
प्यार में लड़के पागल तक हो जाते हैं
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Kush Pandey ' Saarang '

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