उदासी इस क़दर लिपटी है मुझ सेे ख़ुशी ये देख कर हँसती है मुझ पेकोई ऐसे नहीं छोड़ेगा मुझ कोकमी कोई तो होगी ख़ास मुझमें— Kush Pandey ' Saarang '