शराफ़त ठीक पर इतनी न होनी चाहिएसमय के साथ ख़ुद को भी बदलते जाइएयही हुश्यार होने का तरीका है यहाँहमारी मानिए तो ख़ूब धोखे खाइए— Kush Pandey ' Saarang '