vo jab band kamre men latka hua tha ye kis ko pata tha | वो जब बंद कमरे में लटका हुआ था ये किस को पता था

  - Kushal Dauneria

वो जब बंद कमरे में लटका हुआ था ये किस को पता था
खिलाड़ी मोहब्बत में बिल्कुल नया था ये किस को पता था

कि उन जाहिलों ने उसे आदमी की तरह भी न रक्खा
मैं बचपन से जिस शख़्स को पूजता था ये किस को पता था

मैं जब तक उसे जीत लेने की तैयारियाँ कर रहा था
वो तब तक किसी और का हो चुका था ये किस को पता था

  - Kushal Dauneria

Insaan Shayari

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