हम तो बस इंतिज़ार करते हैं
उन से जो इतना प्यार करते हैं
दूध के दाँत इन के टूटे नहीं
ज्ञान का कारोबार करते हैं
गर बिछड़ना ही तेरी ख़्वाहिश है
जा तुझे दर-किनार करते हैं
आप लड़िए ये जंग नेज़ों से
हम तो लहजे से वार करते हैं
— Harsh Kumar Bhatnagar
उन से जो इतना प्यार करते हैं
दूध के दाँत इन के टूटे नहीं
ज्ञान का कारोबार करते हैं
गर बिछड़ना ही तेरी ख़्वाहिश है
जा तुझे दर-किनार करते हैं
आप लड़िए ये जंग नेज़ों से
हम तो लहजे से वार करते हैं
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