मैं हूँ क़ैद किसी तहखाने में
देर लगेगी मुझको आने में
रोना मुझको है बस एक वहीं
हाँ हाँ बस उसके ही शाने में
यार अभी मैं शायर अदना हूँ
वक़्त लगेगा मुझको छाने में
नाम लिखा है खाने वालों का
खाने के हर दाने दाने में
मेरा मन है उसको खोने का
क्या रक्खा है उसको पाने में
तुम सब भी कंधा बदलोगे ही
मेरी मय्यत को ले जाने में
देखो मैं अब किसका होता हूँ
बस दो ही लड़की है ज़माने में
हंसती है वो मेरे हंसने से
रो पड़ता हूँ उसको हंसाने में
मेरी ऐसी हालत है, पहले
आंसू पीना पड़ता कुछ खाने में
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