जब से देखा है उसे किसी और कि बाहों मेंतब से मैं चैन से सो नहीं पा रहाउस ने क़सम दी थी मुझे कभी न रोने कीरोना तो चाहता हूँ, मगर रो नहीं पा रहा— MANOBAL GIRI