ख़ुद को ख़ुद से जुदा कर लिया
ख़ुद पे क्यूँ एतिदा कर लिया
उम्र गुज़रेगी रो रो के अब
जाॅं जो उस पे फ़िदा कर लिया
जाऊँ कैसे ये घर छोड़ के
छत को ही जब रिदा कर लिया
हाल मत पूछो मेरा बशर
क्या ये हम ने ख़ुदा कर लिया
— Ankur Mishra
ख़ुद पे क्यूँ एतिदा कर लिया
उम्र गुज़रेगी रो रो के अब
जाॅं जो उस पे फ़िदा कर लिया
जाऊँ कैसे ये घर छोड़ के
छत को ही जब रिदा कर लिया
हाल मत पूछो मेरा बशर
क्या ये हम ने ख़ुदा कर लिया
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