यार तू जो पास आने लग गया है
इश्क़ जैसे दिल जलाने लग गया है
है सँवारा धूप ने तेरी मुझे यूँॅं
सबका ही दिल मुझ पे आने लग गया है
ऑंखें जो तुझ से मिलाया करता था वो
ऑंखें अब सब से चुराने लग गया है
था इरादा ज़िंदगी आसान सी हो
अब इरादा डगमगाने लग गया है
— Krishna Mishra















