
उदासी छाई रहती है कि सब अनजान लगता है
धड़कता दिल तुम्हारी आस में शमशान लगता है
चले आओ यहाँ पढ़ने नहीं सूरत दिखाने ही
ये कॉलेज अब तुम्हारे बिन हमें वीरान लगता है
— Mohd Ashahad
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