Top 20 Attitude Shayari Collection

Attitude Shayari expresses boldness, confidence, and a fearless outlook on life. These powerful lines reflect your swag, self-respect, and strong personality, often blending style with emotions. Whether you want to show your royal अंदाज़ or assert your individuality, attitude shayari makes your voice stand out.

हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो चार गरेबाँ तुम से ज़ियादा — Majrooh Sultanpuri
उतर न पाएगा ता उम्र इन के सर से जुनूँ ये नौजवान अगर देख लेंगे आँखें तेरी — Shajar Abbas
ख़ुदा से तो कभी दुनिया, कभी ख़ुदस लड़ा हूँ मैं जुनूँ-ए-इश्क़ में मत पूछ, दिल कितनों के तोड़े हैं — A R Sahil "Aleeg"
रात में यूँँ सुकून का होना बात में यूँँ जुनून का होना — Seema Mahapatra
मुफ़लिसी ने जुनून छीना है और तुम ने सुकून छीना है — Meem Alif Shaz
ज़रा से हुस्न पर ही वो अकड़ ऐसे रही है कि जैसे हम किसी और को कभी देखे नहीं हैं — Kanz Al Rida
हम को क्या क्या नहीं फ़ुसूँ हासिल अक्ल के साथ है जुनूँ हासिल — Sumit Panchal
हम हैं उस दौर के आशिक़ कि जहाँ अहल-ए-जुनूँ दिल में दीदार की हसरत लिए मर जाते थे — Shakir Dehlvi
चंद मख़्सूस दरख़्तों से मुहब्बत का जुनून कुछ परिंदों को कहीं का नहीं रहने देता — divya 'sabaa'
जुनून-ए-इश्क़ ने कैसा किया उस पर असर देखो क़दम भी चूमता है मेरा वो सर चूमने वाला — Divu
कुछ न मैं समझा जुनून ओ इश्क़ में देर नासेह मुझ को समझाता रहा — Meer Taqi Meer
इश्क़ की अब, इंतिहा क्या? इब्तिदा क्या? शय ये ला-हासिल व ला-फ़ानी जुनूँ है — A R Sahil "Aleeg"
अच्छे ख़ासे सत्ता के गलियारों में दागी हो जाते हैं कुर्सी की ख़ातिर अपनों के ही तेवर बाग़ी हो जाते हैं — Sandeep dabral 'sendy'
सुपुर्द-ए-खाक़ कर के इस जुनून-ए-शायरी को अब ये सोचा है मुहब्बत से किनारा कर लिया जाए — Sagheer Lucky
गया था इश्क़ में लैला के क़ैस दश्त-ए-जुनूँ तिरा ये इश्क़ मुझे ले गया सलीब तलक — Shajar Abbas
अपने आगे सब को फ़ेल बताते हो इतना ऐटीट्यूड कहाँ से लाते हो — Ambar
वो जवानी थी तुझे हम भी जुनूँ से चाहते थे अब तुझे दुनिया मगर हम मुख़्तसर ही देखते हैं — Meem Alif Shaz
दिल पे हालत जुनूँ की तारी है सर में सौदा सवार रहता है — Sumit Panchal
ये जो तुम तल्ख़ियाँ लहजे में लिए फिरते हो सह न पाओगे मियाँ हम ने जो तेवर बदला — Shakir Dehlvi
ये काएनात मेरे सामने है मिस्ल-ए-बिसात कहीं जुनूँ में उलट दूँ न इस जहान को मैं — Akhtar Usman