Top 20 Baarish Shayari

Baarish shayari beautifully captures the emotions that rain brings—romance, nostalgia, and quiet reflection. Whether it's the soothing sound of rimjhim or memories attached to a rainy day, these lines express feelings that words often fail to say. Perfect for sharing your mood, love, or solitude during the monsoon.

तुम्हें मैं क्या बताऊँ इस शहर का हाल कैसा है यहाँ बारिश तो होती है मगर सावन नहीं आता — Bhaskar Shukla
भूके बच्चों की तसल्ली के लिए माँ ने फिर पानी पकाया देर तक — Nawaz Deobandi
पहले पानी को और हवा को बचाओ ये बचा लो तो फिर ख़ुदा को बचाओ — Swapnil Tiwari
ये पानी ख़ामुशी से बह रहा है इसे देखें कि इस में डूब जाएँ — Ahmad Mushtaq
अब के सावन में शरारत ये मिरे साथ हुई मेरा घर छोड़ के कुल शहर में बरसात हुई — Gopaldas Neeraj
एक रेगिस्तान दुनिया ऊॅंट के मानिंद हम दूर तक पानी न कोई पेड़ सायादार है — Hameed Sarwar Bahraichi
आज आख़िरी दफ़ा था पानी से पेट भरना बच्चों ने आज जाके घर में अनाज देखा — Amaan Pathan
मिट्टी पे नुमूदार हैं पानी के ज़ख़ीरे इन में कोई औरत से ज़ियादा नहीं गहरा — Sarvat Husain
वतन की रेत ज़रा एड़ियाँ रगड़ने दे मुझे यक़ीं है कि पानी यहीं से निकलेगा — Muzaffar Warsi
मिट्टी और पानी भी हमें नाप कर मिलते हैं तुम गमले में पालने को आसान समझते हो — Vishal Bagh
कब लौटा है बहता पानी बिछड़ा साजन रूठा दोस्त हम ने उस को अपना जाना जब तक हाथ में दामाँ था — Ibn E Insha
दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था — Qateel Shifai
उस ने फेंका मुझ पे पत्थर और मैं पानी की तरह और ऊँचा और ऊँचा और ऊँचा हो गया — Kunwar Bechain
ज़ब्त करो गर ग़म के बादल छाए हैं, रक़्स करो के बारिश आने वाली है — Darpan
आसमाँ से गरज छेड़ती है हमें एक बारिश में भी भीगे थे साथ हम — Parul Singh "Noor"
धूप तो धूप ही है इस की शिकायत कैसी अब की बरसात में कुछ पेड़ लगाना साहब — Nida Fazli
शायद कि वो वाक़िफ़ नहीं आदाब-ए-सफ़र से पानी में जो क़दमों के निशाँ ढूँड रहा था — Sahar Ansari
अब और दुआएँ हमें जीने की न दीजे मुरझाए हुए पेड़ को पानी नहीं देते — Haresh Vanza