तेरा बदन तो सलामत रहे मगर दिल कोमेरे इन अश्कों की बारिश के बा'द ज़ंग लगेहै इंतिक़ाम से मतलब मुझे तो रंग-ए-बहारये बद-दुआ है मेरी तू ख़िज़ाँ का रंग लगे— Mukesh Jha