Top 20 Dosti Shayari Collection

Dosti Shayari beautifully expresses the bond of true friendship, where trust, laughter, and unconditional support come together. Whether it's a childhood yaari or a lifelong connection, these shayari capture the warmth and depth of a dost who stands by you in every moment.

उस ने इस तरह से बदला है रवय्या अपना पूछना पड़ता है हर वक़्त, तुम्हीं हो ना दोस्त? — Inaam Azmi
मक़ाम 'फ़ैज़' कोई राह में जचा ही नहीं जो कू-ए-यार से निकले तो सू-ए-दार चले — Faiz Ahmad Faiz
दुआए माँगते हैं इसीलिए अपने उजड़ने की हमें तो यार तेरे हाथ से तामीर होना हैं — Vishal Bagh
कहाँ है तू कि तिरे इंतिज़ार में ऐ दोस्त तमाम रात सुलगते हैं दिल के वीराने — Nasir Kazmi
अब कारगह-ए-दहर में लगता है बहुत दिल ऐ दोस्त कहीं ये भी तिरा ग़म तो नहीं है — Majrooh Sultanpuri
फ़िराक़-ए-यार ने बेचैन मुझ को रात भर रक्खा कभी तकिया इधर रक्खा कभी तकिया उधर रक्खा — Ameer Minai
रंग बदला यार ने वो प्यार की बातें गईं वो मुलाक़ातें गईं वो चाँदनी रातें गईं — Hafeez Jalandhari
यूँँ तो सर्कस में हम बहुत ख़ुश हैं फिर भी जंगल तो यार जंगल था — Harman Dinesh
और फिर लोग यही कहते फिरेंगे इक दिन यार कल ही तो मेरी बात हुई थी उस सेे — Saad Ahmad
तू उस के दिल में जगह चाहता है यार जो शख़्स किसी को देता नहीं अपने साथ वाली जगह — Umair Najmi
दोस्ती लफ़्ज़ ही में दो है दो सिर्फ़ तेरी नहीं चलेगी दोस्त — Zubair Ali Tabish
दिल को सुकून रूह को आराम आ गया मौत आ गई कि दोस्त का पैग़ाम आ गया — Jigar Moradabadi
तिरे लबों में मिरे यार ज़ाइक़ा नहीं है हज़ार बोसे हैं उन पर प इक दुआ नहीं है — Pallav Mishra
अब वो तितली है न वो उम्र तआ'क़ुब वाली मैं न कहता था बहुत दूर न जाना मिरे दोस्त — Faisal Ajmi
हम से कोई तअल्लुक़-ए-ख़ातिर तो है उसे वो यार बा-वफ़ा न सही बे-वफ़ा तो है — Jameel Malik
तन्हा कब तक बात करूँँगा मैं तू भी मुझ सेे बात किया कर दोस्त — Siddharth Saaz
बुरे हालात है पर यार अब भी गले मिलता है, सेहत पूछता है — Gagan Bajad 'Aafat'