किसे ख़बर वो इस की ख़ातिर क्या तैयारी करता है
दुश्मन के ख़ेमे में जा कर बात हमारी करता है
जिन घर में है सुंदर औरत अच्छी दौलत ध्यान रहे
ख़ुद को यार बताने वाला सोच के यारी करता है
सत्य सदा कड़वा होता पर देख विभीषण ये जाना
तय है घर का पतन अगर भाई ग़द्दारी करता है
— Mrkknathji















