suhulat ho aziyyat ho tumhaare saath rahna hai | सुहुलत हो अज़िय्यत हो तुम्हारे साथ रहना है

  - Nadeem Bhabha

सुहुलत हो अज़िय्यत हो तुम्हारे साथ रहना है
कि अब कोई भी सूरत हो तुम्हारे साथ रहना है

हमारे राब्ते ही इस क़दर हैं, तुम हो और बस तुम
तुम्हें सब से मोहब्बत हो तुम्हारे साथ रहना है

और अब घर-बार जब हम छोड़ कर आ ही चुके हैं तो
तुम्हें जितनी भी नफ़रत हो तुम्हारे साथ रहना है

हमारे पाँव में कीलें और आँखों से लहू टपके
हमारी जो भी हालत हो तुम्हारे साथ रहना है

तुम्हें हर सुब्ह और हर शाम है बस देखते रहना
तुम इतने ख़ूबसूरत हो तुम्हारे साथ रहना है

  - Nadeem Bhabha

I love you Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Nadeem Bhabha

As you were reading Shayari by Nadeem Bhabha

Similar Writers

our suggestion based on Nadeem Bhabha

Similar Moods

As you were reading I love you Shayari Shayari