Nadeem Bhabha

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@nadeem-bhabha

Nadeem Bhabha shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Nadeem Bhabha's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Ghazal

बहुत शिद्दत से जो क़ाएम हुआ था वो रिश्ता हम में शायद झूट का था मोहब्बत ने अकेला कर दिया है मैं अपनी ज़ात में इक क़ाफ़िला था मिरी आँखों में बारिश की घुटन थी तुम्हारे पाँव बादल चूमता था तुम्हारी ही गली का वाक़िआ'' है मैं पहली बार जब तन्हा हुआ था खुजूरों के दरख़्तों से भी ऊँचा मिरे दिल में तुम्हारा मर्तबा था मोहब्बत इस लिए भी की गई थी हमारा शे'र कहना मसअला था मुझे इक फूल ने समझाई दुनिया जो तेरे सब्ज़ बाग़ों में खिला था ज़ुहूर-ए-आदम-ओ-हव्वा से पहले हमारे वास्ते सब कुछ नया था ज़मीं पर जब ज़मीनी मसअले थे तो बारिश भी मुकम्मल वाक़िआ'' था क़दम उठने में कितनी बरकतें थीं और उन हाथों में कैसा ज़ाइक़ा था फिर इस के बा'द रस्ते मर गए थे मैं बस इक साँस लेने को रुका था — Nadeem Bhabha
रूह हाज़िर है मिरे यार कोई मस्ती हो हल्क़ा-ए-रक़्स है तय्यार कोई मस्ती हो मुझ को मिट्टी के पियाले में पिला ताज़ा शराब जिस्म होने लगा बे-कार कोई मस्ती हो चार सम्तों ने तिरे हिज्र के घुँघरू बाँधे और हम लोग भी हैं चार कोई मस्ती हो मैं मन-ओ-तू के सहीफ़ों की तिलावत करूँँगा बे-वज़ू हूँ मिरी सरकार कोई मस्ती हो कोई वाइज़ न वज़ीफ़ा कि कोई सौम-ओ-सलात जान छूटे मिरी इक बार कोई मस्ती हो तेरे एहसास की शिद्दत से भरा बैठा हूँ अब न इनकार न इक़रार कोई मस्ती हो बे-नियाज़ाना रहेगा तिरी दुनिया में फ़क़ीर ख़्वाब-ओ-ख़्वाहिश नहीं दरकार कोई मस्ती हो — Nadeem Bhabha