झूठे वचन कितने निभाए जाएँगे

  - Naviii dar b dar

झूठे वचन कितने निभाए जाएँगे
आकर वो ख़्वाबों में सताए जाएँगे

होगा ज़मीं से जब कभी भी सामना
दिन में भी तारे यूँ दिखाए जाएँगे

मुफ़्लिस यहाँ भी डूबकर चुपचाप है
यूँ राज़ दुनिया से छुपाए जाएँगे

कर के वो दावे जब तुम्हें ललचाएँ तो
मुफ़लिस यहाँ अक्सर लुभाए जाएँगे

2212 2212 2212

  - Naviii dar b dar

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