सिर्फ़ होली ही नहीं ईद पे भी रंग उड़ेलहिंदवी साख़ में बढ़वार यूँ नाबाद रहेरंग ऐसा कि तमाम उम्र नहीं छूटे फिररिश्ता ऐसा कि क़यामत में भी आबाद रहे— Nityanand Vajpayee