आप जिन के क़रीब होते हैंवो बड़े ख़ुश-नसीब होते हैंजब तबीअ'त किसी पर आती हैमौत के दिन क़रीब होते हैंमुझ से मिलना फिर आप का मिलनाआप किस को नसीब होते हैंज़ुल्म सह कर जो उफ़ नहीं करतेउन के दिल भी अजीब होते हैंइश्क़ में और कुछ नहीं मिलतासैकड़ों ग़म नसीब होते हैं'नूह' की क़द्र कोई क्या जानेकहीं ऐसे अदीब होते हैं— Nooh Narvi