कोई भी रोक न पाता, गुज़र गया होतामेरा नसीब-ए-मोहब्बत सँवर गया होतान आईं होती जो बेग़म मेरी अयादत कोमैं अस्पताल की नर्सों पर मर गया होता— Paplu Lucknawi