जो अपने हाथ से उस ने दिया है
मुझे नींबू भी मीठा लग रहा है
मोहब्बत ने मेरे सब दोस्तों को
कोई कुत्ता बना कर रख दिया है
हटाओ हाथ तुम मेरे बदन से
ये दिल अब साँस लेना चाहता है
खड़ा हूँ किस लिए मैं रास्ते में
पता तो है कि वो घर जा चुका है
तुम्हारा जो नया आशिक़ है उस ने
तुम्हारी नाक में दम कर दिया है
इधर ये जेब ख़ाली है हमारी
उधर उस का जनम दिन आ रहा है
— Raja Singh 'Kaabil'















