वो ग़म-शनास है पर मेरा ग़म-गुसार नहींपसंद करता हूँ उस को पर उस से प्यार नहींजिगर के पार हुआ था तिरे कमाँ का तीरकिसी के तीर में वरना तो ऐसी धार नहीं— Raj Tiwari