बहुत चर्चा हमारा हो रहा है
इशारों में इशारा हो रहा है
लकीरें हाथ की बेकार हैं सब
समझिये बस गुज़ारा हो रहा है
न जाने रूह पे गुज़री है क्या क्या
बदन का खून खारा हो रहा है
बड़ी हैरत में हैं तारे गगन के
कोई जुगनू सितारा हो रहा है
तुम अपनी धड़कनों को साधे रखना
तुम्हारा दिल हमारा हो रहा है
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