tum ho kali kashmir ki koi fana ho jaayega | तुम हो कली कश्मीर की कोई फ़ना हो जाएगा

  - Saarthi Baidyanath

तुम हो कली कश्मीर की कोई फ़ना हो जाएगा
रब देख ले तुझको अगर वो भी फ़िदा हो जाएगा

साहिब बहाने से गया मैं बारहा उसकी गली
दिख जाये गर शोला बदन कुछ तो नफ़ा हो जाएगा

कोरा दुपट्टा बांध लो पतली कमर के खूंट से
सरकी अगर ये नाज़ से मौसम ख़फ़ा हो जाएगा

शीशे से नाज़ुक हुस्न पर ज़ालिम बड़ी मगरूर है
दो पल की है ये नाज़ुकी फिर सब हवा हो जाएगा

कोई मुसाफिर भूल कर जाये उधर तो रोक लो
आएगा फिर ना लौट कर वो गुमशुदा हो जाएगा

पैसे के पीछे भागते इंसान को मत रोकिए
थक जायेगा फिर हारकर ख़ुद ही जुदा हो जाएगा

शैदाई सारे हैं यहाँ तू ‘सारथी’ की है ग़ज़ल
घूँघट उठाकर देख लो सबका भला हो जाएगा

  - Saarthi Baidyanath

Aanch Shayari

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