मौला मुझ को रम्ज़ दिखाओ
पहले दिन की बात बताओ
आँखें उस के बा'द बनाना
पहले उस की प्यास बढ़ाओ
मैं कुछ कुछ आप के जैसा हूँ
देखो होंट से होंट मिलाओ
दोनों में से एक नि बचना
गर दोनों से एक घटाओ
अब किस को बर्बाद करोगे
आओ बैठो और सुनाओ
अब मैं तुम से झूट कहूँगा
अब तुम मुझ से आँख चुराओ
इक गुस्ताख़ी मैं भी करूँगा
मौला फिर से स्वाँग रचाओ
— Safar















