karam kii ik nazar mujhpar bhi daalo ya rasool allah | करम की इक नज़र मुझपर भी डालो या रसूल अल्लाह

  - SALIM RAZA REWA

करम की इक नज़र मुझपर भी डालो या रसूल अल्लाह
तमन्ना है मदीने में बुला लो या रसूल अल्लाह

अँधेरी रात है मझधार में अटकी मेरी नय्या
बड़ी मुश्किल में हैं अब तो सँभालो या रसूल अल्लाह

मुझे घेरे हुए हैं ग़म के लश्कर हो करम मुझ पर
ज़माने के हर इक ग़म से बचा लो या रसूल अल्लाह

तुम्हारे 'इश्क़ में मर जाऊँगा ऐसा मुझे लगता
बना लो या नबी अपना बना लो या रसूल अल्लाह

'रज़ा' अपने गुनाहों पर बहुत शर्मिंदा है आक़ा
मुझे दामान-ए-रहमत में छुपा लो या रसूल अल्लाह

  - SALIM RAZA REWA

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