नाज़-ओ-अदा के साथ कभी बे-रुख़ी के साथदिल में उतर गया वो बड़ी सादगी के साथआएगा मुश्क़िलों में भी जीने का फ़न तुझेकुछ दिन गुज़ार ले तू मेरी ज़िंदगी के साथ— SALIM RAZA REWA