जिस तरह से निकाले गए आज हमदर्द अपना कहें तो किसे आज हमज़िंदगी के सिखाए थे मतलब जिन्हेंक़त्ल उन के ही हाथों हुए आज हम— Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"