vo bas baaton se hi bahla gaya hai | वो बस बातों से ही बहला गया है

  - Sarul

वो बस बातों से ही बहला गया है
समझ में माजरा तो आ गया है

उसे सच कहने की आदत नहीं है
जो सच पूछा है तो घबरा गया है

इनायत है नहीं आती किसी को
शिकायत करना सबको आ गया है

मिला था जो मुझे बादे-सबा सा
गया तो रक़्से-जानाँ सा गया है

नई दुनिया का मौसम कुछ अलग है
ये दिल कुछ ख़ुदस उकता सा गया है

बचाए अब ख़ुदा इन रहबरों को
कि क़ातिल का तरीक़ा भा गया है

तमाशा देखने वालो में तुम थे
तो दिल थोड़ा सुकूँ तो पा गया है

  - Sarul

Dil Shayari

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