अपनों से मुझे हरगिज़ ही दूर नहीं होना
दौलत के नशे में मुझ को चूर नहीं होना
मर जाए जो कोई मुझ सेे मिलने को, जीवन में
मुझको कभी भी इतना मशहूर नहीं होना
तुम काम करो उतना पर्याप्त हो वो जितना
तुम व्यस्त किसी में भी भरपूर नहीं होना
ये जान ले, लोगों से ज़िंदा है तेरी हस्ती
सर चढ़ के कभी उनके मग़रूर नहीं होना
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