कभी तुम प्यार से बस इक नज़र देखो

फ़क़त मुझ को भी अपना मान कर देखो

विरासत में नहीं मिलते ख़ुशी के पल
ये काँटों से भरा मेरा सफ़र देखो

लक़ब मुझ को मिले जो अब तलक सारे
मिरी माँ की दुआ का है असर देखो

अगर जो प्यार में दिल तोड़ते हो तुम
दुआ से बद-दुआ का फिर सफ़र देखो

तुम्हें आरास्ता ख़ुशियों से कर दूँगी
कभी तो हाथ मेरा थाम कर देखो

कभी फूलों की महफ़िल में ज़रा आओ
यहाँ आ कर मोहब्बत का सफ़र देखो

फ़ज़ाएँ प्यार के पैग़ाम लाएँ जब
तो प्यारी गुफ़्तगू करते शजर देखो

— Saba Rao

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