रोना-धोना सिर्फ़ दिखावा होता है
कौन मिरे जाने से तन्हा होता है
उस की टीस नहीं जाती है सारी उमर
पहला धोका पहला धोका होता है
नाम भी उस का याद नहीं रख पाते हम
गलियाँ गलियाँ जिसेपुकारा होता है
सारी बातें याद हमें आ जाती है
लेकिन जब वो उठने वाला होता है
मर जाता है तन्ज़ भरे इक जुमले से
कोई-कोई तो इतना ज़िन्दा होता है
आँसू भी हम खर्च वहीं पर करते हैं
जहाँ कोई दिल रखने वाला होता है
बे-मतलब की भीड़ लगाने वालों से
जाने वाला और अकेला होता है
घर में इसे महसूस करो या सहरा में
सन्नाटा तो बस सन्नाटा होता है
अच्छे चेहरे अच्छे चेहरे होते हैं
उन में भी इक अपना वाला होता है















