छुड़ा ले हाथ तू ही ज़िन्दगी हम सेनहीं ये हो सकेगी ख़ुद-कुशी हम सेतुम्हारे बा'द हर शब जाग कर गुज़रीजुदा होकर ख़फ़ा है नींद भी हम से— Shivam Prajapati