मेरी नींदें उड़ा रक्खी है तुम नेये कैसे ख़्वाब दिखलाती हो जानाँकिसी दिन देखना मर जाऊँगा मैंमेरी क़समें बहुत खाती हो जानाँ— Subhan Asad