रात भर जागना क़ुबूल कियाइश्क़ ने फ़ासला कुबूल कियामुस्तक़िल आख़िरी ख़ुशी माँगीऔर हम ने ख़ुदा क़ुबूल कियाउस ने जिस सिम्त भी उठाए हाथहम ने वो रास्ता क़ुबूल कियातुझ से रिश्ता नहीं बनाया कोईतुझ को बे-साख़्ता क़ुबूल किया— Tajdeed Qaiser