
उँगली पकड़ाओ इनको तो, हाथ मिलाने लगते हैं
एक ग़ज़ल सुन लो तो ज़ालिम चार सुनाने लगते हैं
इस जीवन में थोड़ी दिक़्क़त अच्छी होती है यारो
ख़ाली सड़कों पर हम गाड़ी तेज़ चलाने लगते हैं
— Tanoj Dadhich
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