ham ladke hain | 'हम लड़के हैं'

  - ABhishek Parashar

'हम लड़के हैं'

आज आपको सब सच-सच बताते हैं
हम किस लिए इतना मुस्कुराते हैं
हम को रोना भी आए तो कहाँ रो पाते हैं
कोई देख न ले रोता हुआ ये सोच कर डर जाते हैं
दर्द सहते हैं और अपने आसुओं को पी जाते हैं
हम वो हैं
जिन्हें अपने अश्क बहाने से रोका जाता है
जिन्हें अपना दर्द सुनाने से रोका जाता है
हम वो हैं
जो ख़ुद ही ख़ुद का मज़ाक बनाते हैं
और फिर एक दूजे से सच छिपाते हैं
हम सब कुछ कर सकते हैं मगर कभी खुल कर रो नहीं सकते
हमारा दर्द हमारे सिवा इस दुनिया में कहाँ कोई समझ पाता है
सुख में खुल के हँसते हैं और दुख में झूठ-मूठ का मुस्कुराना आता है
हम लड़के हैं साहब हमें बचपन से बस यही सिखाया गया है
लड़के रोते नहीं हैं ये बोल-बोल कर पत्थर दिल बनाया गया है
अपने मन की करने वाला इस समाज की नज़र में हर लड़का बुरा है
अपने आसुओं को पी जाओ दोस्तों हम लड़के हैं हमें रोना मना है

  - ABhishek Parashar

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