जवानी के दिन अपने बेकार मत करतुझे सौ दफ़ा कह चुका प्यार मत करमैं भी ख़ुद-कुशी करने लग जाऊँ अभिषेकतू तो अब मुझे इतना लाचार मत कर— ABhishek Parashar